प्रधानमंत्री मोदी कहते हैंभ्रष्टाचार हटाओ’, मगर इंडी गठबंधन कहता हैभ्रष्टचारी को बचाओ’: अनिल सरीन

फरीदकोट,(राजदार टाइम्स): भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी कहते हैं कि ‘भ्रष्टाचार हटाओ’, मगर इंडी ठगबंधन के टोले के नेता कहते हैं कि ‘भ्रष्टचारी को बचाओ’।भाजपा जिलाध्यक्ष गौरव कक्कड़ की अध्यक्षता में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान अनिल सरीन ने कहा कि इंडी गठबंधन की पार्टियों कांगेस, आम आदमी पार्टी, आरजेडी, सपा, जेएमएम, डीएमके, तृणमूल तथा वामपंथी पार्टियों के नेताओं द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के भाईचारे का दिया प्रत्यक्ष प्रमाण हम सभी ने देखा है। हम सब ने देखा है किस तरह यह भ्रष्टाचारी अपने घमंड में चकनाचूर होकर अपने भ्रष्टाचार को न्यायसंगत सिद्ध कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के लोग भाजपा को अपने भविष्य के रूप में चुन चुके हैं और इस बार फरीदकोट से भाजपा प्रत्याशी हंस राज हंस सहित पंजाब की सभी 13 सीटों पर भाजपा प्रत्यशियों को विजयी बनाकर प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी के हाथ मजबूत करेंगें तथा केंद्र में तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने में अपना योगदान देंगें।अनिल सरीन ने आम आदमी पार्टी तथा कांग्रेस सहित अन्य विपक्ष को सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता बताएं कि इनकम टैक्स ने जो नोटिस दिया है, वह सही है या गलत? आपने टैक्स चोरी की या नहीं? कांग्रेसी बताएं कि उसने समय पर इनकम टैक्स फ़ाइल क्यों नहीं की? आय को कम करके क्यों बताया? आकाश से लेकर पाताल तक और आजादी से लेकर आज तक जिस पर घोटाले ही घोटाले के आरोप हैं। इसका शीर्ष नेतृत्व 5000 करोड़ रुपये के घोटाले में जेल से बेल पर चल रहा है। जीप घोटाले से लेकर हेलिकॉप्टर घोटाले तक और देश के लोकतंत्र को बदनाम करने से लेकर चीन की सत्तारूढ़ पार्टी से MoU साइन करने तक, इन पर आरोप लगे हुए हैं और मजा ये कि ये गर्व से इसे बताते नहीं थकते। अनिल सरीन ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को सवाल करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता खुलेआम कहा करते थे कि मेरे ऊपर आरोप भी लगे तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा, वे भ्रष्टाचार करने के बावजूद कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं। आज कोर्ट में कह रहे हैं कि मुझे रिमांड में क्यों लिया, मैं तो मुख्यमंत्री हूँ। हम गाड़ी, बंगले नहीं लेंगे, वे काफिला लेकर घूम रहे हैं। शीश महल का घोटाला कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता बताएं कि क्या सुनीता केजरीवाल अब अघोषित रूप से मुख्यमंत्री हैं? क्योंकि अब वही केजरीवाल की कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हैं? आम आदमी पार्टी बताए कि शराब घोटाले में कोर्ट उनके नेताओं को जमानत क्यों नहीं दे रहा? जब 9 बार समन गया तो केजरीवाल पेश क्यों नहीं हुए? क्या वे यह चाहते थे कि जानबूझ कर मामला चुनाव तक जाए और वे गिरफ्तारी पर विक्टिम कार्ड खेल सकें? उन्होंने कहा कि केजरीवाल देश के पहले मुख्यमंत्री हैं जो मुख्यमंत्री रहते जेल गए और जेल से आदेश जारी कर रहे हैं। रिमांड में उनके पास पेन नहीं है, मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हुई लेकिन गैरकानूनी आदेश जारी कर रहे हैं। जब मामला कोर्ट में गया तो बोल रहे हैं-शरीर जेल में है, आत्मा बाहर घूम रही है। खुद को आम आदमी बोलने वाला आज खुद को भगवान बोल रहा है। अनिल सरीन ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा बताये कि झारखंड का मुख्यमंत्री कौन है? चंपई सोरेन या कल्पना सोरेन? वामपंथी दलों के नेता धार्मिक संस्थानों की पवित्रता और लोकतंत्र के सिद्धांतों को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। वामपंथी सरकारों में तुष्टिकरण के लिए कलात्मक स्वतंत्रता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से समझौता किया जाता है। ममता सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं, लेकिन फिर टीएमसी खुद को पाक-साफ बताती है। ममता सरकार के नेताओं ने शिक्षक भर्ती घोटाले से लेकर राशन घोटाले को अंजाम दिया है। डीएमके पार्टी घोटालेबाज तो है ही लेकिन साथ इसके नेता बड़ी निर्लज्जता से देश में अलगाव और भारत के टुकड़े करने की बात करते हैं एवं सनातन धर्म का अपमान करते हैं। ये लोग देश को भाषाई और भौगौलिक आधार पर बांटना चाहते हैं। जेएमएम पार्टी एक तरफ तो झामुमो आदिवासियों की आवाज बनने का स्वांग रचती है, दूसरी तरफ इनके ही नेता हेमंत सोरेन के घर से 36 लाख रुपए नगद और लग्जरी गाड़ियां बरामद होती हैं। भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट हेमंत सोरेन को जमानत नहीं दे रहा। हेमंत सोरेन अवैध खनन कर गरीब आदिवासियों के पर 1000 करोड़ रुपए गबन करने के आरोपी हैं। समाजवादी पार्टी अपने नाम में समाजवादी लेकर चलने वाली इस पार्टी के शीर्ष नेता को समाज और जनता नहीं सिर्फ अपने परिवार की चिंता है। रामलीला मैदान में बैठकर तथाकथित तानाशाही हटाओ का नारा लगाने वाले अखिलेश यादव को याद रखना चाहिए कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थी। परिवारवाद में तो लालू प्रसाद यादव ने सभी सीमाएं ध्वस्त कर दी हैं, पहले खुद फिर अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाया उसके बाद बड़े बेटे तेजप्रताप को मंत्री बनाया और अब छोटे बेटे तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने का सपना देख रहे हैं। चारा घोटाले से लेकर लैंड फॉर जॉब घोटाले तक सर से पांव तक घोटाले में डूबा हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि जब ये इंडी गठबंधन है नहीं तो यह रैली क्या भ्रष्टाचार बचाओ रैली नहीं है?

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