फगवाड़ा,(शिव कौड़ा): भारतीय संसद पर साल 2001 में हुए हमले की बरसी पर बुधवार को एक महिला सहित कुछ युवाओं द्वारा की गई घुसपैठ को लोकतंत्र के मंदिर पर आघात बताते हुए आम आदमी पार्टी जिला कपूरथला के वित्त सचिव अशोक भाटिया ने कहा कि संसद की सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खूफीया एजेंसियों की इनपुट के बावजूद कुछ लोग नए संसद परिसर में घुसपैठ करने में सफल हो गये। उन्होंने कहा कि इस बात की गहन जांच होनी चाहिये कि हमलावर मोदी सरकार की नीतियों से खफा बेरोजगार नौजवान थे अथवा इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी। उन्होंने सुरक्षा में चूक के लिये केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस से लेकर संसद भवन की सुरक्षा का दायित्व गृह मंत्रालय के पास है अत: अमित शाह की जवाबदेही तय करके उनसे इस्तीफा लिया जाये। अशोक भाटिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह घटना दुनिया भर में भारत की साख पर धब्बा है। यह बिडंबना ही है कि 2001 में पुराने संसद भवन पर हुए हमले के समय भी केन्द्र में भाजपा की ही सरकार थी। प्रधानमंत्री देश की सुरक्षा से खिलवाड़ सहन न करने की बात करते हैं लेकिन जो सरकार संसद भवन की सुरक्षा ठीक से नहीं कर सकती, उसके हाथों में देश आखिर कैसे सुरक्षित रहेगा। एक सवाल के जवाब में अशोक भाटिया ने कहा कि यदि वास्तव में घुसपैठ करने वाले रोजगार न मिलने से हाताश थे तो विरोध जताने का यह तरीका हालांकि स्वीकार्य नहीं है लेकिन यह घटना प्रधानमंत्री मोदी के उस शगूफे की पोल खोलने के लिये काफी है कि उनकी सरकार देश से बेरोजगारी दूर करने के गंभीर प्रयास कर रही है। आप नेता ने कहा कि देश के युवाओं में मोदी सरकार की तानाशाही नीतियों को लेकर भी भारी आक्रोश है।

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