निर्माण व विनाश अध्यापक पर ही होता है निर्भर : विजय सांपला
कहा, समाज और राष्ट्र का निर्माता है अध्यापक
कमाही देवी,(एसपी शर्मा): कर्मठ व कर्तव्य परायण अध्यापकों शिक्षकों को उनका बनता आदर देना समय की आवश्यकता है, क्योंकि कोई भी समाज अच्छे गुरुओं के बिना तरक्की नहीं कर सकता। डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कमाही देवी में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला ने उक्त चर्चा करते हुए कहा कि इतिहास में दर्ज है की राजा धनानंद ने चाणक्य को भिक्षा मांगने वाला साधारण ब्राह्मण कह कर ज़लील किया और अपने दरबार से निकाल दिया, तो चाणक्य ने कहा था राजन अध्यापक कभी साधारण नहीं होता। निर्माण और विध्वंस उसकी गोद में खेलते हैं। राजनीति के ज्ञाता चाणक्य का यह कथन अपमानित होकर गुस्से में कहा गया केवल एक आम वाक्य नहीं था, बल्कि उसने इसे सिद्ध कर दिखाया था। साधारण से बालक चंद्रगुप्त को शिक्षित कर चाणक्य ने नंद वंश का नाश किया और चन्द्रगुप्त को राजगद्दी पर बिठा दिया था।प्रिंसिपल अनीता देवी ने कहा एक विद्यार्थी, एक अच्छा शिक्षक तथा एक पुस्तक, एक कलम पूरी दुनिया को बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यापक कुछ घंटों की पढ़ाई में पूरे जीवन का सबक देता है। अपने माता-पिता के आश्रय से बाहर निकलने के बाद बच्चा ज्ञान के मन्दिर या विद्यालय अथवा स्कूल में जाता हैं। तपोमूर्ति महंत राज गिरी महाराज ने कहा ज्ञान के मन्दिर में गुरु लोग ज्ञान का प्रकाश जगाने और प्रसारित करने का काम करते है। अच्छे व्यक्ति, अच्छे समाज व अच्छे राष्ट्र के लिए अच्छी शिक्षा का होना ज़रूरी है और उसी तरह सह जी महाराज ने कहा संस्कार प्रद शिक्षा बच्चों को देना बहुत ही जरूरी है ताकि वे बड़े हो कर अपने माता-पिता, समाज और राष्ट्र के लिए एक सुयोग्य नागरिक बन सकें। भाजपा नेता रघुनाथ राणा ने कहा कि हमारे देश के जितने भी प्रबुद्ध नागरिक हैं जो एक आम आदमी से लेकर राष्ट्राध्यक्ष तक हैं। कितने भी महान हों कितने भी बड़े हों सभी के पीछे अध्यापक का ही हाथ होता है। इसलिए अध्यापक का सम्मान करना जरूरी है। साथ ही एक आदर्श अध्यापक के लिए भी वो क्षण सबसे सुखद होता है जब वो कक्षा से बाहर आकर खुद से कह पाता है कि आज उसने किसी छात्र को बेहतर बनने में मदद की। अच्छे अध्यापक का मां-बाप से भी ऊंचा दर्जा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जो कि मुख्य आकर्षण रहा। इस अवसर पर सतपाल शास्त्री, राजेंद्र मेहता रमन गोल्डी,अजय शास्त्री, डॉ.सुभाष चन्द्र, शादी लाल, अनिल कुमार, हरजीत सिंह, शर्मीला देवी, ओम प्रकाश, तृप्ता देवी, राकेश कुमार तथा अन्य उपस्थित थे।

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