शहीद देश का सरमाया, इनके परिजनों का सम्मान सरकार की नैतिक जिम्मेदारी: चेयरमैन सेखवां
 कहा- हफ्ते बाद रखा जाएगा  यादगिरी गेट का नींव पत्थर
चौथे बलिदान दिवस पर स्मरण किए गए ग्रुप कैप्टन चीमा
गुरदासपुर,(राजदार टाइम्स): भारतीय वायुसेना की नंबर-3 एयर स्क्वार्डन एन.सी.सी विंग पटियाला के ग्रुप कैप्टन जी.एस चीमा का चौथा बलिदान दिवस गांव आलोवाल के गुरुद्वारा साहब में शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की की अध्यक्षता में आयोजित किया गया जिसमें जिला प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन व आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव जगरूप सिंह सेखवां बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए। इनके अलावा शहीद की माता सर्वजीत कौर, पत्नी नवनीत कौर, बेटी फ्लाइंग लेफ्टिनेंट कुंजदीप कौर, भाई गुरजीत सिंह चीमा व गुरदीप सिंह चीमा, इंडस्ट्री कार्पोरेशन पंजाब के पूर्व वाइस चेयरमैन वजीर सिंह लाली, पगड़ी संभाल जट्टा लहर के कनवीनर कंवलप्रीत सिंह काकी, शहीद सिपाही मक्खन सिंह के पिता हंस राज, शहीद सिपाही जतिंदर कुमार के पिता राजेश कुमार, पुलवामा हमले के बलिदानी कांस्टेबल मनिंदर सिंह के पिता सतपाल अत्री, शहीद हवलदार गुरविंदर सिंह के पिता सतविंदर सिंह, मार्किट कमेटी धारीवाल के चेयरमैन भूपिंदर सिंह रिंका, समाज सेवक इंद्रजीत सिंह बाजवा, नंबरदार दिलबाग सिंह लाली चीमा आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर इस अमर वीर को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सर्वप्रथम श्री आखंड पाठ साहब का भोग डालते हुए रागी जत्थे द्वारा बैरागमय कीर्तन कर शहीद को नमन किया गया। श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यातिथि चेयरमैन जगरूप सिंह सेखवां ने कहा कि पायलट जी.एस चीमा जैसे वीर सैनिकों की कुर्बानियों के सदके ही देश रात को चैन से सोता है, जब तक ऐसे शूरवीर हमारी सीमाओं के प्रहरी हैं कोई भी दुश्मन इस देश की एकता व आखंडता  को भंग करने की जुर्रत नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि शहीद देश का सरमाया होते हैं तथा उनके परिजनों का सम्मान करना समाज व सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। चेयरमैन सेखवां ने कहा एक सैनिक के बलिदान को पैसे के पैमाने से नहीं तोला जा सकता मगर पंजाब सरकार ने एक सैनिक के बलिदान होने पर उसके परिजनों को एक करोड़ रुपए की राशि भेंट करने की परंपरा शुरू कर इन बलिदानी परिवारों के रिसते जख्मों पर मरहम लगाने का छोटा सा प्रयास शुरू किया है। उन्होंने कहा कि बलिदानी ग्रुप कैप्टन गुरप्रीत सिंह चीमा की याद में गांव के प्रवेश द्वार पर एक यादगिरी गेट का निर्माण करवाया जायेगा जिसका एक हफ्ते के भीतर नींव पत्थर रख काम शुरू करवा दिया जाएगा।
बेटी ने फ्लाइंग लेफ्टिनेंट बन किया शहीद पिता का सपना साकार: कुंवर विक्की
परिषद के महासचिव कुंवर रविंदर सिंह विक्की ने कहा कि शौर्य, त्याग व बलिदान का दूसरा नाम है देश का वीर सैनिक जो अपने परिवारिक संबंधों का परित्याग करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपना सैन्य धर्म निभा जाता है। उन्होंने कहा ग्रुप कैप्टन जी.एस चीमा का एक ही सपना था कि उनकी बेटी कुंजप्रीत कौर भी उनकी तरह एयरफोर्स में अफसर बन कर देश सेवा करे, पिता के इसी सपने को साकार करने हेतु बेटी कुंजप्रीत ने कड़ी मेहनत कर वायु सेना में फ्लाइंग लेफ्टिनेंट नियुक्त होकर अपने शहीद पिता को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है, ऐसी बेटियां समाज की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कुंवर विक्की ने कहा पायलट जी.एस चीमा के बलिदान से पहले इस गांव आलोवाल को कोई नहीं जानता था मगर इस रणबांकुरे के बलिदान के बाद इस गांव का नाम राष्ट्रपति भवन में जो शहीदों की गजट होती है उसमें दर्ज हो गया है जो कि क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व की बात है।
गांववासी बोले: एक महीने में गेट नहीं बना तो अपने खर्चे पर बनाएंगे यादगिरी गेट
इस अवसर पर गांववासी मुखदेव सिंह, जोगा सिंह व सतनाम सिंह आलोवाल ने कहा कि ग्रुप कैप्टन जी.एस चीमा के बलिदान के चार वर्षों बाद भी उनकी याद में सरकार द्वारा यादगिरी गेट का निर्माण नहीं करवाया जिसे लेकर बलिदानी परिवार सहित पूरे क्षेत्र में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने एक महीने के अंदर इस शहीद की स्मृति में यादगिरी गेट नहीं बनाया तो सभी गांववासी मिलकर अपने खर्चे पर यादगिरी गेट का निर्माण करवाएंगे।
देश पर मर मिटने वालों का देश कर्जदार: लाली/ काकी
वजीर सिंह लाली व कंवलप्रीत सिंह काकी ने कहा कि देश पर मर मिटने वाले ग्रुप कैप्टन जी. एस जैसे जांबाजों का देश सदैव कर्जदार रहेगा। गांववासियों द्वारा खुद शहीद का यादगिरी गेट बनाने की घोषणा का समर्थन करते हुए जहां कंवलप्रीत सिंह काकी ने उसी समय अपनी तरफ से 21 हजार रूपये की नगद राशि कमेटी को भेंट की वहीं वजीर सिंह लाली ने भी अपनी तरफ से 21 हजार रूपये की राशि देने की घोषणा करते हुए कहा कि यह राशि आज शाम तक कमेटी के पास पहुंच जाएगी। इस अवसर पर मुख्यातिथि द्वारा शहीद परिवार सहित पांच अन्य शहीद परिवारों को सिरोपे व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर बाबा हरपिंदर सिंह, बलदेव सिंह निमाना, लखविंदर सिंह भिंडर, गुरसाहब सिंह, मंजीत सिंह कंग, गुरप्रीत सिंह रियाड़, सरपंच दलेर सिंह, रमन वाहला, सरपंच राजेश कुमार, हरपाल सिंह, राजविंदर सिंह, रविंदर भट्टी, हरजोत सिंह, जगरूप सिंह रियाड़ आदि उपस्थित थे।
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