बहुत शर्म की बात है कि अग्निवीरों को शहीद नहीं मानतीं केंद्र सरकार : बीरपाल/नेकू/हैप्पी
होशियारपुर,(तरसेम दिवाना): बेगमपुरा टाइगर फोर्स की एक विशेष बैठक फोर्स के मुख्य कार्यालय भगत नगर नजदीक मॉडल टाउन में फोर्स के राज्य अध्यक्ष वीरपाल ठरोली की अध्यक्षता में हुई। बैठक में फोर्स के चेयरमैन तरसेम दीवाना दोआबा के अध्यक्ष नेकु अजनोहा व जिलाध्यक्ष हैप्पी फतेहगढ़ विशेष तौर उपस्थित हुए। फोर्स के नेताओं ने संयुक्त रूप में कहा कि केंद्र की जवान मारू नीतियों के कारण ही कश्मीर में हो रही जवानों की शहादतें सरकारों व भारत के निवासियों को दु:खी कर रही है। जवान कश्मीर में बिना जंग के शहीद हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी नींव 1947-48 में देश के आजाद होते ही रखी गई थी, इसके जिम्मेदार तत्काली प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे। उसके बाद भी सरकारों ने भी कश्मीर मामले पर या तो सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकी या फिर फोके दायवे किए जा रहे है तथा ऐसा ही नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार भी कर रही है। सरकारों की गलत नीतियों के कारण ही पंजाब तथा देश के जवानों की लाशें धड़ाधड़ आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अग्नि वीर स्कीम लागू होने के बाद पहले जवान है, जिसका शव कश्मीर से आया है। उसके संस्कार पर घटित हुए घटनाक्रम ने लोगों में रोष की लहर पैदा हुई है। जैसे कि अमृतपाल सिंह को आर्मी के रीति रिवाजों के मुताबिक फौजिओ की हथियारबांट टुकड़ी द्वारा सलामी ना देना तथा उसको शहीद ना मानना दुर्भाग्यपूर्ण की बात है। बड़ी शर्म की बात है कि अग्नि वीरों को केंद्र सरकार शहीद नहीं मानती सरकार की पॉलिसी आखर है क्या….? सरकार को अग्नि वीर भर्ती के बारे में स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर सरकार जवानों को शहीद मानने से इंकार क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के साथ साथ पंजाब के सभी सैनिक व सामाजिक संगठनों में अग्निवीर स्कीम के बारे में काफी रोष व गुस्सा है क्योंकि यह पारसी से देश की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी तथा नौजवानों के साथ भी यह धोखा है। इस अवसर पर सतीश कुमार शेरगढ़, राज कुमार बद्धन नारा, रवि सुंदर नगर, महिंदर पाल बद्धन, हरभजन लाल सरोआ, अमनदीप, मुनीष कुमार, राज कुमार बद्धन शेरगढ, पंच बिट्टू विरदी शेरगढ, विक्की सिंह पुरहीरां, अवतार डिम्पी, बाली आदि उपस्थित थे।

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