जेसी डीएवी कॉलेज द्वारा इंडिजीन्यूस टेक्नोलॉजी फॉर विकसित भारत विषय पर मनाया गया राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
दसूहा,(राजदार टाइम्स): जे.सी डी.ए.वी कॉलेज के स्नातकोत्तर गणित विभाग द्वारा पी.एस.सी.एस.टी, एन.सी.एस.टी.सी और डी.एस.टी के सहयोग से ‘इंडिजीन्यूस टेक्नोलॉजी फॉर विकसित भारत’ विषय पर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2024 मनाया गया। जिसके मुख्य अतिथि डॉ.विनय कुमार शर्मा डी.ए.वी.कॉलेज होशियारपुर, मुख्य भाषण प्रिंसिपल डॉ.समीर शर्मा, एसपीएन कॉलेज मुकेरियां एवं मुख्य वक्ता डॉ.जतिंदर सिंह गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के गणित विभाग के प्रमुख थे। वाईस प्रिंसिपल एवं विभागाध्यक्ष प्रो.राकेश महाजन ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की प्रासंगिकता और सेमिनार के समग्र स्वरूप के बारे में बताया। प्रिंसिपल प्रो.कमल किशोर ने मुख्य अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। गणित विभाग की शैक्षणिक और अनुसंधान उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने इंडिजीन्यूस टेक्नोलॉजी फॉर विकसित भारत’ विषय के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य अतिथि प्रिंसिपल डॉ.विनय कुमार शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत का मूल आधार भारतीय तकनीक है। जिसके कारण आज देश दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। प्रिंसिपल डॉ.समीर शर्मा ने मुख्य भाषण देते हुए कहा कि किसी भी देश को विकसित होने के लिए अपनी तकनीक विकसित करना जरूरी है, जो युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है, क्योंकि वे ही विभिन्न क्षेत्रों में वैज्ञानिक बनेंगे। मुख्य वक्ता डॉ.जतिंदर सिंह ने इंडिजीन्यूस टेक्नोलॉजी फॉर विकसित भारत’ विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए विज्ञान और गणित की भूमिका है, पुराने शोध का परीक्षण कर नये निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं। जिसके कई उदाहरण देकर प्रमाणित भी किया गया। इस उपलक्ष्य पर प्रो.शिफाली छावरा ने विद्यार्थियों को गणित का तंबोला खेल खिलाया। इसके अलावा सलोगन राइटिंग और सिग्नेचर ड्राईव भी करवाई गई। डॉ.भानु गुप्ता ने मुख्य मेहमानों व पंजाब स्टेट फॉर साईंस टेक्नोलॉजी का धन्यवाद किया। इस उपलक्ष्य पर विशेष रूप से प्रो.अमृता मौजूद थी। संपूर्ण सेमिनार का प्रबंधन एवं मंच संचालन की भूमिका डॉ.अमित शर्मा ने बखूबी निभाई।

Previous articleराधा कृष्ण मन्दिर कृष्णा कलोनी में मूर्ति स्थापना दिवस पर हुआ कार्यक्रम
Next article2024 लोकसभा चुनाव के लिए BJP ने 195 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की