30 दिसंबर से दो दिन होती हैं वार्षिक गणना

तलवाड़ा/दातारपुर,(एसपी शर्मा): ब्यास नदी पर बने पौंग  बांध की महाराणा प्रताप सागर झील में प्रवासी पक्षियों की वार्षिक गणना 30 व 31 दिसंबर को की जाएगी। वार्षिक पक्षी गणना में पक्षी विशेषज्ञ वन्यप्राणी विंग का सहयोग करेंगे।यह जानकारी देते हुए वन्यप्राणी विंग के डीएफओ रेजिगनॉल्ड रायस्टन ने बताया कि दिसंबर महीने में विभागीय गणना के मुताबिक पौंग झील में 50 हजार प्रवासी पक्षी दस्तक दे चुके हैं। जिनमें सबसे अधिक बार हेडेड गूज 5840, कॉमन टिल 1756, पेंटल 1992, पौचार्ड 1340 व रशियन कूट 2730 की संख्या में पहुंचे हैं। पौंग बांध के एरिया नहीं में खेती को लेकर उन्होंने कहा कि प्रवासी पक्षियों और अभयारण्य पर खेती के प्रभाव का अध्ययन करने के प्रस्ताव के लिए अनुरोध जारी किया गया था। इसके लिए एक स्वतंत्र एजेंसी का चयन करने की प्रक्रिया चल रही है। अध्ययन मुख्य रूप से पक्षियों और कृषि के बीच संबंधों, सामाजिक आर्थिक प्रभाव, प्रचलित संघर्ष आदि पर केंद्रित है। दो साल की अवधि के लिए अध्ययन इस सर्दी के मौसम में शुरू होगा और अध्ययन के आधार पर सिफारिशें आगे के निर्णयों के लिए सरकार को भेजी जाएंगी। इकोटूरिज्म नीति 2017 के अनुसार अधिसूचित सर्कल लेवल इकोटूरिज्म सोसायटी वाइल्ड लाइफ सर्कल धर्मशाला अब पौंग बांध झील जैव विविधता संरक्षण सोसायटी के कार्यों को समाहित कर लेगी। उन्होंने कहा कि अभी प्रवासी पक्षी लगातार आ रहे हैं और इनकी संख्या सवा लाख तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि इनकी सुरक्षा को लेकर विभाग गंभीर है और कई टीमें बनाई गई हैं।

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