सशस्त्र सेना झंडा दिवस बहादुर सैनिकों व उनके परिवार के प्रति सम्मान भेंट करने का एक सुनहरी मौका : कोमल मित्तल
डिप्टी कमिश्नर ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस संबंधी चंडीगढ़ से निकाली गई जागरुकता रैली को होशियारपुर से किया रवाना
होशियारपुर,(राजदार टाइम्स): डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने जिला रक्षा सेवाएं कल्याण कार्यालय से सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रचार के लिए मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान की तरफ से रवाना की गई। साईकिल रैली को होशियारपुर से पठानकोट के लिए रवाना किया। इससे पहले उन्होंने युद्ध स्मारक पहुंच कर देश के लिए कुर्बानियां देने वाले शहीद सैनिको को श्रद्धासुमन अर्पित किए। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि सश सेना झंडा दिवस हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 7 दिसंबर को पूरे देश में मनाया जा रहा है। पंजाब में झंडा दिवस के बारे में लोगों को जानकारी देने व उनको अधिक से अधिक योगदान देने के लिए उत्साहित करने के उद्देश्य ने मुख्यमंत्री पंजाब की ओर से 7 नवंबर को एक साईकिल रैली को रवाना किया गया था। यह रैली पंजाब राज भवन चंडीगढ़ से शुरु होकर पंजाब के सभी जिलों को कवर करते हुए वापिस 7 दिसंबर 2023 को पंजाब राज भवन चंडीगढ़ में गर्वनर पंजाब की उपस्थिति में समाप्त होगी। इसी कम्र को चलाते हुए यह साईकिल रैली शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) से होकर होशियारपुर जिले में पहुंची है और आज सुबह 16 वालंटियर्स की साईकिल रैली को मुकेरियां के लिए रवाना किया गया है। मुकेरियां से यह रैली अगले दिन पठानकोट के लिए रवाना होगी। डिप्टी कमिश्नर की ओर से झंडा दिवस संबंधी सार्वजनिक दिलचस्पी पैदा करने, नागरिकों में अधिक से अधिक जागरुकता फैलाने व झंडे के सम्मान में जिले के सभी नागरिकों को अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग व प्रचार करने के अपील की गई। उन्होंने इस मौके पर आर्थिक रुप से कमजोर 6 पूर्व सैनिकों व उनके परिजनों को वित्तिय सहायता के चैक भी सौंपे। उन्होंने बताया कि देश की एकता व अखंडता को बरकरार रखने के लिए दूसरे विश्व युद्ध से लेकर अब तक अलग-अलग लड़ी गई लड़ाईयों व आतंकवाद के खिलाफ आप्रेशनज में हमारे जिले के सैनिकों ने काफी शहादतें दी है और कई सैनिक गंभीर रुप से घायल होने के कारण घर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा जिला पूरे देश में कुर्बानियां देने में अग्रणी है। इन शहीदों के बेमिसाल कुर्बानियों के चलते ही हम देश की आजादी का आनंद उठा रहे हैं। सशस्त्र सेना झंडा दिवस हम सभी को अपने बहादुर सैनिकों व उनके परिवार के प्रति सम्मान भेंट करने का एक सुनहरी मौका प्रदान करता है। उन्होंने सभी विभागों के प्रमुखों को अपील की कि हमारा दायित्व बनता है कि हम इस कार्य के लिए आगे आएं और अधिक से अधिक राशी एकत्र कर इस नेक कार्य में योगदान डालें। इस मौके पर जिला सैनिक बोर्ड होशियारपुर के उपाध्यक्ष ब्रिगेडियर अमरीक सिंह (सेवामुक्त) ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस 7 दिसंबर को मनाया जाता है और एकत्र की गई राशी केंद्र व राज्य सरकार की ओर से लागू की गई कई प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं व सेवा कर रहे सैनिकों, उनकी विधवाओं, दिव्यांग सैनिकों के कल्याण के लिए प्रयोग की जाती है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) नई दिल्ली की ओर से सशस्त्र सेना झंडा दिवस संबंधी दान की गई राशी आयकर से मुक्त है। इस मौके पर मेजर यशपाल सिंह (रिटा.) कर्नल पटियाल, सुपरिडैंट बलजीत कौर, राज कुमारी, बलदेव सिंह, नरेश कुमार, कुलदीप सिंह व सैनिक प्री-रिकरुटमैंट ट्रेनिंग के शिक्षार्थी भी उपस्थित थे।

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